MobiKwik Fraud : मेवातियों का कारनामा, टेक्निकल ग्लिच का फायदा उठाकर लगा दिया 40 करोड़ का चूना, 6 धरे गए, 2500 खाते सीज़
कंपनी के अधिकारियों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, MobiKwik एप्लिकेशन में एक तकनीकी गड़बड़ी पाई गई थी, जिसका फायदा उठाकर कुछ पंजीकृत व्यापारियों और अज्ञात व्यक्तियों ने अवैध रूप से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए ।

MobiKwik Fraud : मोबाइल पेमेंट कंपनी MobiKwik की पेमेंट एप में तकनीकी खराबी का फायदा उठा कर मेवात के रहने वाले शातिर ठगों ने कंपनी को 40 करोड़ से ज्यादा का चूना लगा दिया । गुरुग्राम पुलिस को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले में बड़ी कामयाबी हासिल की है । मोबाइल पेमेंट कंपनी वन मोबिक्विक सिस्टम्स लिमिटेड (MobiKwik) के साथ 40 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में गुरुग्राम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है । पुलिस थाना सैक्टर-53 की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए छह संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार किया है ।
कंपनी के अधिकारियों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, MobiKwik एप्लिकेशन में एक तकनीकी गड़बड़ी पाई गई थी, जिसका फायदा उठाकर कुछ पंजीकृत व्यापारियों और अज्ञात व्यक्तियों ने अवैध रूप से लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर कर लिए ।

तकनीकी खामी का फायदा उठाकर की गई धोखाधड़ी
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 12.09.2025 को खातों का मिलान करते समय उन्हें कुछ संदिग्ध लेन-देन मिले । जांच में पता चला कि कुछ असफल लेन-देन भी व्यापारी के खातों में सफल के रूप में दिखाए जा रहे थे । कुछ MobiKwik व्यापारियों ने इस खामी का फायदा उठाया और जानबूझकर ऐसे लेन-देन किए, जिससे पैसा उनके खातों में जमा हो गया, जबकि ग्राहक के खाते से राशि नहीं कटी। इस धोखाधड़ी से कंपनी को 40 करोड़ 22 लाख 32 हज़ार 210 रुपए का नुकसान हुआ । ये आकलन अभी और भी बढ सकता है ।

आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि MobiKwik ऐप में तकनीकी खराबी के कारण किसी भी ग्राहक के बैंक या ऐप वॉलेट में बैलेंस न होने पर भी ट्रांजेक्शन सफलतापूर्वक हो रही थी । यहां तक कि गलत पासवर्ड डालने पर भी लेनदेन पूरा हो रहा था । इस खामी का पता चलने पर आरोपियों ने इसका फायदा उठाया और अवैध तरीके से पैसा कमाया ।
2,500 बैंक खाते फ्रीज, 6 गिरफ्तार
इस मामले की शिकायत मिलने पर पुलिस थाना सैक्टर-53 में धारा 318(4) और 314 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया । पुलिस ने जांच शुरू करते हुए संदिग्ध लाभार्थियों और उनके बैंक खातों की जानकारी जुटाई । पुलिस टीम ने 2,500 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कराया, जिनमें धोखाधड़ी का पैसा गया था ।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 15.09.2025 को छह संदिग्ध आरोपियों/लाभार्थियों को गिरफ्तार किया । गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रेहान (मेवात), मोहमद सकील (पलवल), वकार यूनुस (नूंह), वसीम अकरम (मेवात), मोहम्मद आमिर (मेवात) और मोहम्मद अंसार (मेवात) के रूप में हुई है ।

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को 15.09.2025 को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है । पुलिस द्वारा मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और आगे की जांच की जा रही है ।











